बरेली, फरवरी 18 -- राजेंद्र नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन आचार्य श्याम बिहारी चतुर्वेदी ने रासलीला प्रसंग का भावार्थ बताया। उन्होंने कहा कि रास जीवात्मा-परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। कथा में श्री कृष्ण द्वारा शरद पूर्णिमा पर रास कर कामदेव के अहंकार के परास्त होने का प्रसंग सुनाया गया। आगे उद्धव-गोपी संवाद और रुक्मिणी से भगवान के प्रथम विवाह का वर्णन हुआ। भजनों पर भक्तों ने नृत्य किया। कार्यक्रम में देवकी नंदन खंडेलवाल, जगदीश भाटिया, विनोद खंडेलवाल, रजत खंडेलवाल, शेर सिंह यादव, सोनल, विनीता, गीता भाटिया, दीपक भाटिया आदि मौजूद रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...