भभुआ, मार्च 21 -- रामपुर। प्रखंड की खरेंदा पंचायत की तरांव पहाड़ी की तराई में प्राचीन मां दुर्गा मंदिर तक जाने के लिए सांसद मद से रास्ते की ढलाई तो हो गई, पर ज्यादा देर तक चापाकल के चलाने से उसमें से गंदा पानी निकलने लग रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को 500 मीटर दूर तरांव गांव से पानी लेकर पूजा के लिए आना पड़ता है। यहां एक ही चापाकल है। तरांव-नौघड़ पथ से मंदिर तक ढलाई हुई है। गांवों में सुनाई देने लगी चैता की धुन की गूंज रामपुर। चैत मास का शुभारंभ हो गया है। गांवों में चैता गायन की धुन की गूंज सुनाई पड़ने लगी है। लोकगीत 'राम जी जनमले हो रामा चईत मासे...', 'कंडे सुरवा होख ना सहइया ए मइया चइत मासे...' की धुन गूंज रही हैं। श्रीराम का जन्म चैत्र मास में हुआ था। इसी खुशी में पूरे महीने चैता गायन की परंपरा चलती आ रही है। वासंतिक नवरात्र का पावन पर्व भ...