गोरखपुर, जनवरी 30 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरुवार को जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से 'पेटेंट से प्रोडक्ट' तक प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पेटेंट-फाइल्ड नवाचारों एवं उत्पाद विकास से संबंधित शोध कार्यों की सराहना की। कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान को समाजोपयोगी उत्पादों में परिवर्तित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। प्रदर्शनी में बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है। ऐसी स्थिति में कम लागत में अधिक एवं सुरक्षित उपज के लिए जैविक खेती एक प्रभावी विकल्प है। वर्मीवाश को विशेष कलेक्टिंग यंत्र द्वारा आसानी से फिल्टर कर निकाला जाता है। इसका प्रयोग विवि ने किया है। यह विधि कम खर्चीली, पर्यावरण...