विकासनगर, जून 5 -- शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद एवं अनुसंधान झाझरा में शुक्रवार को राष्ट्रीय चरित्र निर्माण चरित्रशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को बताया गया कि राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम के सिद्धांत को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके जागरूक, संस्कारित और राष्ट्रभक्त युवाओं में निहित होती है। चिकित्सा के क्षेत्र में अध्ययनरत विद्यार्थी केवल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता भी हैं। मुख्य वक्ता डॉ. अतुल कृष्ण ने भारत के महान क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं राष्ट्रनायकों के त्याग, तपस्या और बलिदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जय हिन्द और वन्दे मातरम् सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि राष...