सासाराम, जनवरी 31 -- डेहरी, एक संवाददाता। कोरोना काल में जब लोग जान बचाकर बाहर से घर भाग रहे थे, लोगों के समक्ष रोजगार की चिंता सताने लगी थी। तब कई योजनाओं की शुरुआत केन्द्र सरकार द्वारा की गई थी। इसमें राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन भी एक है। इसके तहत शहरी बीपीएल परिवार के लोगों को रोजगार मुहैया कराना है। इसमें फुटपाथ पर रेवड़ी बेचने वाले से लेकर दूसरे रोजगार खड़ा करने वाले को भी लाभ देना है। लेकिन, जिले में इसकी रफ्तार काफी धीमी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.