लखनऊ, जनवरी 22 -- राष्ट्रीय विद्युत नीति-2026 को लेकर विरोध शुरू हो गया है। हालांकि अभी केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस पर 30 दिन में आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। उपभोक्ता परिषद ने इसे उद्योगपतियों को बढ़ावा देने वाली नीति बताया है। परिषद के अध्यक्ष व सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इसका विरोध किया जाएगा। राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 के अनुसार बिजली क्षेत्र के लिए 2032 तक 50 लाख करोड़ और 2047 तक 200 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता अनुमानित की गई है। इस विशाल पूंजी को प्रभावी ढंग से जुटाने के लिए नीति में क्षेत्र विशिष्ट फंड स्थापित करने तथा क्लाइमेट फाइनेंस टेक्नोलॉजी विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके पहले विद्युत अधिनियम-2025 में सिस्टम शेयरिंग की बात की गई है। परिषद का कहना है कि नीति में कॉस्ट-रिफ्लेक्टिव टैरिफ, ...
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