रामपुर, अप्रैल 13 -- रामपुर। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कहा है कि भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राचीन पाण्डुलिपियां, ताड़पत्र, हस्तलिखित ग्रंथ एवं दुर्लभ अभिलेख हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है, ताकि इन्हें सुरक्षित रूप से आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके और हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा ज्ञान भारतम् मिशन प्रारम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देशभर में बिखरी हुई प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ ग्रंथों की पहचान, सूचीकरण, डिजिटलीकरण...