श्रावस्ती, मई 11 -- श्रावस्ती,संवाददाता। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में राष्ट्रीय एनआरपी दिवस पर एक दिवसीय नवजात पुनर्जीवन की मूल प्रक्रिया पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को आपात परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी उपचार के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक डॉ ध्रुव कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रसव के बाद का पहला एक मिनट यानी गोल्डन मिनट नवजात के जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान नवजात को गर्म रखना, शरीर को तुरंत सुखाना, सांस और हृदय गति की जांच करना तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनर्जीवन प्रक्रिया शुरू की जाती है। यह भी पढ़ें- गोल्डन मिनट में नवजात की जान बचाना सिखाया डॉ माला मुनि स्वामी ने बताया कि यदि नवजात स्वयं सांस नहीं ले रहा ...