नई दिल्ली, जुलाई 1 -- भारत की डिजिटल इकॉनमी ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी को तेज़ और आसान बना दिया है। लेकिन इसने धोखाधड़ी को भी तेज़, स्मार्ट और पकड़ने में कहीं ज़्यादा मुश्किल बना दिया है। 2025 के आखिर तक भारत में इंटरनेट यूज़र्स की संख्या लगभग 103 करोड़ हो गई थी, और मई 2026 में UPI ट्रांज़ैक्शन Rs.29,90,424 करोड़ तक पहुँच गए; यानी जिन डिजिटल सिस्टम्स ने वित्तीय समावेश को बढ़ावा दिया है, वे ही अब स्कैमर्स के लिए नए रास्ते भी खोल रहे हैं। ऑनलाइन में सुरक्षित रहना अब सिर्फ़ सावधानी बरतने की बात नहीं रह गई है, बल्कि यह रोज़मर्रा की वित्तीय ज़िंदगी का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है। इसी माहौल में बंधन बैंक ने 'साइबर कॉप' नाम का एक CSR प्रोग्राम शुरू किया है। इसका मकसद साइबर फ्रॉड और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में लोगों को ज़्यादा जागरूक करना है।...