लखनऊ, जनवरी 28 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संसद के संयुक्त अधिवेशन में संबोधन देश को वाकई में आत्मनिभर्रता की ओर अग्रसर कराने के लिए नई उम्मीद जगाने वाला परिष्कृत नहीं होने बल्कि पारम्परिक ज़्यादा तथा आमजन उपयोगी कम लगता है। उन्होंने कहा कि ठीक ऐसे समय में जब ख़ासकर विश्व की सबसे बड़ी शक्ति अमेरिका 'अमेरिका फस्ट' के अभियान में लगा हुआ है और जिस कारण पूरी दुनिया में हर प्रकार की उथल-पुथल मची हुई है। भारत का भी इससे काफी कुछ प्रभावित होना स्वाभाविक ही है, जिसके उपायों की उम्मीद के रूप में सरकार द्वारा निजी क्षेत्र पर अत्यधिक भरोसा भारतीय परिवेश में कितना कारगर साबित होगा। इस पर लोगों की आशंकाएं एवं चिन्ताएं बरक़रार होने के कारण सरकारों को अपने ऊपर भरपूर आत्मविश्वास दिखाने की ज़्यादा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.