विकासनगर, जुलाई 29 -- राजकीय शिक्षक संघ ने शिक्षकों को निर्वाचन संबंधी (बीएलओ, एसआईआर) ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की है। संघ का कहना है कि अधिकांश विद्यालयों से 70 फीसदी शिक्षकों की बीएलओ और एसआईआर ड्यूटी लगाई गई है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा परिणामों पर पड़ेगा। कमजोर विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन नहीं मिल पाएगा और बोर्ड परीक्षाओं सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी प्रभावित हो सकते हैं। संघ का कहना है कि बाद में खराब परीक्षा परिणामों की जिम्मेदारी शिक्षकों और विद्यालयों पर ही डाल दी जाती है, जबकि वास्तविक कारण शिक्षकों को बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाना है। राजकीय शिक्षक संघ के जिला महामंत्री अर्जुन पंवार ने शासन को ज्ञापन प्रेषित कर बताया कि उत्तराखंड के राजकीय विद्यालयों के शिक्षक हमेशा अपने श...