गाज़ियाबाद, जनवरी 31 -- - कविनगर रामलीला मैदान में सातवें दिन श्री राम कथा का आयोजन हुआ गाजियाबाद, संवाददाता। कविनगर रामलीला मैदान में मंगलमय परिवार की ओर से चल रही श्री राम कथा में सातवें दिन रावण वध और लंका विजय की गाथा सुनाई गई। सीता खोज से लंका विजय तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को जीवन मूल्य से जोड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं के जय श्री राम के जयघोषों से पंडाल गुंजायमान रहा। कथा के प्रथम चरण में विजय कौशल महाराज ने हनुमान जी के समुद्र-लंघन की दार्शनिक विवेचना करते हुए कहा कि वे केवल पराक्रम के प्रतीक नहीं, अपितु सेवा, सुमिरन और सामर्थ्य के सजीव आदर्श हैं। अशोक वाटिका में शोक-संतप्त माता जानकी को प्रभु की मुद्रिका सौंपने का प्रसंग जीव और ब्रह्म के बीच अटूट विश्वास का सेतु है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी की विनयशीलता उनके बल से भी अधिक विराट...