रावण के दरबार में पहुंचते ही क्यों हैरान रह गए थे हनुमान जी? पढ़ें रोचक किस्सा
नई दिल्ली, अक्टूबर 20 -- हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस साल दशहरा 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को है। दशहरा के दिन रावण के पुतलों का दहन करने की परंपरा है। यह पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। शास्त्रों में वर्णित है कि जब रावण ने माता सीता का हरण किया था, तब हनुमान जी उनका पता लगाने लंका गए थे। लंका में उन्होंने रावण को न सिर्फ अपनी शक्तियों से भयभीत किया था, बल्कि उसके तेज भी प्रभावित हुए थे। पौराणिक कथाओं (विशेषकर वाल्मीकि रामायण) के अनुसार, हनुमान जी जब माता सीता की खोज में लंका पहुंचे, तो वे रावण के वैभव, उसके रूप और उसकी शक्ति को देखकर कुछ क्षणों के लिए आश्चर्यचकित हुए थे। सुंदरकांड में इस प्रसंग का वर्णन मिलता है। वाल्मीकि रामायण में लिखा है 'तेजसा तस्य मोहितः' जिसका सामान्य अर्थ ह...
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