कुशीनगर, जून 8 -- कुशीनगर। फाजिलनगर कस्बे के ब्रह्मस्थान पर आयोजित हरिहर महायज्ञ के अंतर्गत कथा वाचक आनंद भारद्वाज ने राम-सुग्रीव मिलन एवं बाली वध प्रसंग का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा वाचक आनंद भारद्वाज ने कहा कि माता सीता की खोज के क्रम में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की भेंट ऋष्यमूक पर्वत पर सुग्रीव से हुई थी। अपने भाई बाली के भय से वन में रह रहे सुग्रीव की पीड़ा को भगवान श्रीराम ने समझा और उनकी सहायता का संकल्प लिया। इसके बाद दोनों के बीच मित्रता स्थापित हुई, जिसे भारतीय संस्कृति में सच्ची मित्रता का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने सुग्रीव को उनका खोया हुआ राज्य और सम्मान वापस दिलाने के लिए बाली का वध किया। बाली अत्यंत पराक्रमी था, लेकिन अहंकार के कारण वह धर्म के मार्ग से भटक गया थ...