फतेहपुर, मार्च 16 -- फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल के तत्वाधान में शहर के रामलीला मैदान में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा में सोमवार राम वनवास के मर्मस्पर्शी प्रसंग का सजीव वर्णन किया गया। कथा व्यास चंदन कृष्ण महाराज ने जब प्रभु श्रीराम के अयोध्या त्याग और वन गमन की कथा सुनाई, तो पंडाल में मौजूद तमाम श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा व्यास ने बताया कि कैसे अयोध्या में प्रभु राम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन तभी दासी मंथरा की बातों में आकर रानी कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांग लिए। पहले वरदान में भरत को राज्य और दूसरे में राम को 14 वर्ष का वनवास। राम ने जैसे ही पिता के वचनों को संकट में देखा, उन्होंने बिना एक क्षण गंवाए राजसी सुखों का त्याग कर दिया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि धर्म और वचन की रक्षा के लिए बड़े ...