इंदौर, मई 15 -- भोजशाला मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बतात हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे राम मंदिर से अलग बताया। जैन ने कहा कि राम मंदिर टाइटल केस था जबकि भोजशाला रिट पेटीशन से जुड़ा मामला था। हमने टाइटल नहीं मांगा था। हमने पूजा-पाठ का अधिकार मांगा था। टाइटल, कब्जा, ऑनरशिप और कस्टोडियन एएसआई का ही है। भोजशाला मामले पर वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से कहा है कि यदि वे वैकल्पिक भूमि प्राप्त करना चाहते हैं तो उनकी ओर से सरकार को एक आवेदन पेश किया जा सकता है। सरकार उन्हें वैकल्पिक भूमि आवंटित करने के अनुरोध पर विचार करेगी। राम मंदिर मामले और भोजशाला मामले के बीच समानताओं पर जैन ने कहा कि राम मंदिर मामले से कुछ समानताएं हैं, लेकिन अगर कोई इसे पूरी तरह से कानूनी नजरिए से देखे तो इसमें काफी अंतर ह...