अयोध्या, जुलाई 10 -- अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस को कई जानकारियां मिली हैं। पता चला है कि चोरी से मिलने वाली रकम को सीधे खर्च करने के बजाय सुनियोजित तरीके से अलग-अलग कारोबारों में लगाया गया है। सूद पर रुपए देने के साथ ही शेयर तक में इसे लगाया गया है। आरोपी जानते थे कि यदि अचानक उनके नाम पर बड़ी संपत्ति या निवेश सामने आया तो उन पर संदेह होना तय था। इसी वजह से चोरी की रकम को विभिन्न माध्यमों से खपाने की रणनीति बनाई गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन, आपसी बातचीत, कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की गहन पड़ताल में कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के संपर्क केवल सामान्य लोगों तक सीमित नहीं थे, बल्कि कई प्रभावशाली व्य...