वरिष्ठ संवाददाता, जुलाई 15 -- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले के सामने आने के बाद अब अलीगढ़ के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे और आर्थिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी क्रम में वार्ष्णेय मंदिर सोसाइटी की आय-व्यय व्यवस्था और पाटोत्सव के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वार्ष्णेय मंदिर लगभग 26 वर्ष पुराना है। पिछले दिनों मंदिर समिति से जुड़े कुछ सदस्यों को एक जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की प्राप्ति व भुगतान का लेखा भेजा गया। इसके अलावा एक खर्च का ब्यौरा वार्ष्णेय मंदिर पाटोत्सव व जन्माष्टमी 2025 भी सार्वजनिक किया गया। इस रिकार्ड के अनुसार 51 लाख रुपये का चंदा पिछले वर्ष हुए मंदिर के पाटोत्सव के लिए एकत्रित हुआ। इस धनराशि को व्यय पाटोत्सव पर 35 लाख 36 हजार 958 रुपए, जन्माष...