शामली, सितम्बर 21 -- बाबरी। शुक्रवार गांवकेड़ी रामलीला में भव्य आयोजन किया गया। जिसमें पुष्प वाटिका में सीताजी अपनी सखियों सहित पुष्प लेने वाटिका में आती है देवी मां की पूजा अर्चना करती है उधर राम लक्ष्मण भी भर्मण के लिए जाते हैं। सीताजी छुप कर राम लक्ष्मण को निहारता है राजा जनक ने सीता स्वयंवर मैं शर्त रखी है की जो शिव धनुष को तोड़ेगा सीता सीता उसी को वरेगी स्वयंवर में आने को राजाओं ने और अपना अपना पराक्रम दिखाया। स्वयंवर में विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण भी पधारे थे जब किसी से धनुष नहीं टूटा तो राम ने अपने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा लेकर धनुष को उठाकर जैसे ही प्रतयनचा चढ़ाने चाहा तो धनुष के दो टुकड़े होकर टूट गया और राजा जनक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा सीता ने राम को वरमाला पहनाई। शनिवार को गांव खेड़ी में ही ढोल नगाड़े बंद बजे के साथ दिन...
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