राम नाम के जप से डाकू रत्नाकर बन गए महर्षि वाल्मीकि
भभुआ, जुलाई 16 -- जीयर स्वामी बोले, सच्चे मन से प्रभु स्मरण करने से जीवन की दिशा बदल जाती है ईश्वर के नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी साधन है (पेज चार) भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां में चल रहे चातुर्मास महायज्ञ के दौरान जीयर स्वामी जी ने अपने प्रवचन में महर्षि वाल्मीकि के जीवन प्रसंग पर चर्चा की और बताया कि ईश्वर के नाम का स्मरण मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तनकारी साधन है। यह भी पढ़ें- Bhabua News: ईश्वर को पहचानने की चाह होगी तभी मिलेगा उनका साक्षात्कारमहर्षि वाल्मीकि का जीवन उन्होंने कहा कि जिस रत्नाकर को संसार एक कुख्यात डाकू, लुटेरे और हत्यारे के रूप में जानता था, वही राम नाम की महिमा और कठोर तपस्या के बल पर महर्षि वाल्मीकि बनकर युगों-युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करने वाले महापुरुष बने। स्वामी जी...
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