विकासनगर, सितम्बर 27 -- श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनते ही कथा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर राम जन्मोत्सव मनाया। भजन-कीर्तन के बीच वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा व्यास रामचंद्राचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम का जन्म धर्म, सत्य और मर्यादा की स्थापना का प्रतीक है। राम का जीवन कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके जीवन में माता-पिता के प्रति सम्मान, गुरु के प्रति श्रद्धा, भाईचारा, वचन पालन और जरूरतमंदों के प्रति संवेदना जैसे आदर्श दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि रामकथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि उसके संदेश को जीवन में उतारना है। यह भी पढ़ें- राम जन्म पर झूम उठा कथा पंडाल, गूंजे जय श्रीराम के जयका...