प्रयागराज, अप्रैल 19 -- प्रयागराज, संवाददाता। एनसीजेडसीसी में आयोजित वैशाखी महोत्सव के तहत रविवार को नाटक 'कैकेयी का राम' का भावपूर्ण मंचन किया गया। रंगकर्मी मुकेश शर्मा के लिखित व निर्देशित नाटक में मंच पर कैकेयी की वेदना का दृश्य देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कथानक के अनुसार जब नाटक में दिखाया गया कि राम को वनवास भेजना कैकेयी की साजिश नहीं, बल्कि रावण के अंत और मानवता को बचाने की एक सोची-समझी योजना थी। कैकेयी का उद्देश्य केवल भरत को राजा बनाना नहीं था, बल्कि अयोध्या के आसपास के राक्षसों का अंत करना था। कैकेयी का सशक्त संवाद 'सिंहासन पर बैठा राजा कभी वह परिवर्तन नहीं ला सकता, जो लोगों के बीच रहने वाला एक तपस्वी ला सकता है...' ने दर्शकों को भावुक कर दिया। दूसरे दृश्य में दिखाया गया कि राम से मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनने के लिए राजमहलों क...