प्रयागराज, मार्च 31 -- एनसीजेडसीसी में आयोजित पांच दिवसीय भरतमुनि नाट्य महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन महाकवि भवभूति रचित संस्कृत नाटक महावीर चरितम का प्रेक्षागृह के भव्य मंच पर भावपूर्ण मंचन किया गया। रंगकर्मी डॉ. हिमांशु द्विवेदी के निर्देशन में मंचित नाटक में कलाकारों ने सशक्त संवाद और बेजोड़ अभिनय से रामायण के विविध प्रसंगों की जीवंत प्रस्तुति दी। कथानक के अनुसार, नाटक का शुभारंभ विश्वामित्र के यज्ञ महोत्सव के दृश्य से हुआ। मंच पर राजा जनक के छोटे भाई कुशध्वज, उर्मिला और सीता जी पधारती हैं। महोत्सव में राम और लक्ष्मण से सीता और उर्मिला की भेंट होती है। मंच पर सर्वमाय नामक राक्षस माल्यवान के इशारे पर रावण का पत्र पढ़ता है। विश्वामित्र श्रीराम को दिव्यास्त्र प्रदान करते हैं। धनुषभंग के बाद राम और सीता का विवाह संप...