हरिद्वार, मार्च 25 -- गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में रामनवमी की पूर्व संध्या पर भगवान श्रीराम के आदर्श और वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता विषय पर परिसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. भारत वेदालंकार ने भगवान राम को आदर्श राजा बताते हुए कहा कि जो शासक प्रजा की सेवा करता है और उसे सही मार्ग पर चलाता है, वही सच्चे अर्थों में आदर्श होता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम में ये सभी गुण विद्यमान थे, जो आज भी नेतृत्व के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। डॉ. वेदव्रत ने भारतीय संस्कृति में परिवार व्यवस्था को मूल आधार बताते हुए कहा कि त्याग और नैतिकता के बिना आदर्श परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती।उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन त्याग और नैतिकता की जीवंत मिसाल है। यह वर्तमान समय में संस्कृति के...