गंगापार, नवम्बर 7 -- मेजाखास बाजार के रामलीला मैदान पर चल रही पांच दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन वाराणसी से पहुंचे मानस मर्मज्ञ पंडित अमर नाथ ने कहा कि बाबा तुलसीदास द्वारा रचित राम चरित मानस मानव जीवन से संबधित लिखी बातें मिलती हैं। यदि मनुष्य प्रभु श्री राम के आदर्श चरित्र सुनकर उस पर चिंतन करें तो उसे कभी कष्ट नहीं मिलेगा। मर्यादा पुरूषोत्तम राम त्याग की मूर्ति हैं। उन्हें राजपाट का तनिक भी मोह नहीं था, माता पिता व प्रजा के बचनों का पालन करना उनके लिए आदर्श रहा। उन्हें कभी सुख नहीं मिला। कहा कि चौदह वर्षो तक वन में अपना समय व्यतीत करने के बाद जब उनका राज्याभिषेक हुआ तो प्रजा के कहने पर उन्होंने अपनी पत्नी सीता की अग्नि परीक्षा ली। आयोजक रमेश केशरवानी ने आरती की।
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