शाहजहांपुर, अगस्त 29 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। अखिल भारतीय श्रीराम नाम जागरण मंच के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन कथा व्यास रमेश भाई शुक्ल ने भगवान राम के वन गमन प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि देवासुर संग्राम में कैकेयी ने देवताओं की सहायता की थी। प्रसन्न होकर राजा दशरथ ने उन्हें दो वरदान दिए थे, जिन्हें रानी ने उचित समय पर मांगने का निर्णय लिया। जब राम के राज्याभिषेक की घोषणा हुई तो मंथरा के उकसावे पर कैकेयी ने वरदान मांगते हुए भरत को राजा बनाने और राम को चौदह वर्ष का वनवास देने की मांग रखी। कथा व्यास ने बताया कि दशरथ इन वरदानों से व्यथित हो गए, किंतु वचनबद्ध होने के कारण कुछ न कर सके। राम ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि मानते हुए बिना क्रोध के वन गमन का निर्णय लिया। उनके साथ सीता और लक्ष्मण भी चल पड...