आगरा, मार्च 28 -- कावेरी मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव से उनके दिव्य विवाह का प्रसंग भावपूर्ण वातावरण में प्रस्तुत किया गया। कथा व्यास पंडित भगवान भैया ने अपने मधुर और ओजस्वी वर्णन से शिव-पार्वती विवाह की झांकी जीवंत कर दी, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान बताया गया कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। यह अटूट श्रद्धा, समर्पण और विश्वास का सर्वोच्च उदाहरण है। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरण किया। यह दिव्य मिलन सृष्टि के सबसे पावन और आदर्श विवाह के रूप में स्थापित हुआ। शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के साथ शिव बारात का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान शिव की बारात में देव, गण, भूत-प्रेत और शिवगणों का अनोखा स...