संभल, जनवरी 1 -- श्री राम कथा से हमें जीवन जीना सिखाती है। हमें इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। सभी को भगवान राम के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। यह सद विचार कथा व्यास वीरेश रामायणी ने श्री राम कथा के दौरान व्यक्त किए। बहजोई रोड के चंदा देवी धर्मशाला में बुधवार को श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। कथा के प्रथम दिन कथा वाचक वीरेश रामायणी ने कहां की आज की युवा पीढ़ी को कथा का श्रवण करना चाहिए और इसको अपने जीवन में उतारकर भगवान राम के जीवन से प्रेरणा रहनी चाहिए । उन्होंने सती चरित का वर्णन करते हुए कहा कि त्रेता युग में माता सीता के हरण के बाद भगवान श्रीराम व्याकुल होकर उनकी खोज में वन-वन भटक रहे थे। उसी समय भगवान शंकर ने श्रीराम को देखते ही मन ही मन उनकी जय-जयकार की, लेकिन माता सती को यह विश्वास नहीं हुआ कि श्रीराम ही परमात्मा हैं। भगवान शिव के लगातार स...