चंदौली, मई 1 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। मानस सेवा समिति मसोई की ओर से आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि भरत एवं केवट से त्याग एवं भक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। क्योंकि राम और भरत ने संपत्ति का बंटवारा नहीं किया, बल्कि विपत्ति का बंटवारा किया था। वहीं केवट ने समर्पित भाव से भगवान राम के चरण धोए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि संसार की कोई भी माता अपने पुत्रों को कष्ट नहीं देना चाहती।

कथा का महत्वपूर्ण प्रसंग कथा वाचक ने ने वनगमन के समय श्रीराम की भेंट उनके प्रिय सखा निषादराज गुह से कराई। तत्पश्चात गंगा नदी पार करने के लिए भगवान की भेंट केवट से हुई। भगवान को साक्षात अपने सामने पाकर केवट ने अपनी विनम्र प्रार्थना रखी। उसने कहा कि जब तक आप अपने चरण नहीं धुलवाएंगे, तब तक मैं आपको नदी पार नहीं कराऊंगा। अंततः भगवान को ...