मुरादाबाद, जून 1 -- मुरादाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी, जयपुर के कुलपति प्रो. मदनमोहन झा ने कहा कि संपूर्ण रामायण शिक्षा का जीवंत स्रोत है, जो मनुष्य को सत्य, मर्यादा, करुणा और लोककल्याण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने छांदोग्य उपनिषद में वर्णित सत्यकाम जाबाल के प्रसंग का उल्लेख किया। सत्यनिष्ठा को भारतीय शिक्षा की आधारशिला बताया। प्रो. झा ने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि आत्मोन्नति, चरित्र निर्माण और पुरुषार्थ चर्तुष्टय- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा, गुरुकुल शिक्षा, योग, वेद, दर्शन तथा पुराणों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समाजोपयोगी और आदर्श नागरिक का निर्माण है। प्...