बोकारो, मई 16 -- पेटरवार प्रखंड अंतर्गत चलकरी में शुक्रवार को रामभक्त केवट की जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। रामायण कालीन केवट के आदर्शों, वीरता, भक्ति और सामाजिक योगदान को याद किया।

केवट की पहचान विस्थापित नेता काशीनाथ केवट ने कहा कि रामायण काल के केवट केवल एक नाविक नहीं, बल्कि सरल प्रेम, निर्भयता, वाक्चातुर्य, कर्मशीलता और सूझबूझ के अद्भुत प्रतीक थे। भगवान राम के प्रति उनकी निस्वार्थ भक्ति भारतीय संस्कृति में अनोखा उदाहरण प्रस्तुत करती है। कहा कि ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से केवट समुदाय का उल्लेख विभिन्न ग्रंथों में अत्यंत सम्मान के साथ किया गया है। यह समुदाय भारत की मूल एवं प्राचीनतम जातियों में से एक माना जाता है।

समुदाय का योगदान रामायण काल में केवट समाज की अपनी अलग सत्ता, संस्कृति और सामाजिक पहचान ...