नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर रसाल सिंह के निलंबन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। तीन महिला शिक्षकों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद प्रोफेसर सिंह के निलंबन को कोर्ट ने अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में निष्पक्षता और प्रक्रियात्मक खामियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।आरोपों का साये में निलंबन, कोर्ट ने जताई आपत्ति दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि प्रोफेसर रसाल सिंह को निलंबन से पहले अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। कोर्ट ने माना कि यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों की जांच का जिम्मा आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का है, लेकिन निलंबन का आदेश उप-रजिस्ट्रार द...