पीलीभीत, नवम्बर 14 -- बमरोली में चल रहे श्रीरामलीला मेले में शुक्रवार को अहिल्या उद्धार, गंगा तट आगमन और नगर दर्शन की लीलाओं का भव्य मंचन हुआ। लीला की शुरुआत उस प्रसंग से हुई, जब ऋषि विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण मार्ग में एक निर्जन आश्रम में पहुंचे। वहां न तो पक्षियों का कलरव था और न ही पशुओं की चहल-पहल। श्रीराम ने आश्रम का रहस्य पूछा तो विश्वामित्र ने बताया कि यह गौतम ऋषि का आश्रम है, जिनकी पत्नी अहिल्या श्राप से शिला बन गई हैं। कथा के अनुसार, श्रीराम के चरण स्पर्श से अहिल्या पुन: नारी बन गईं। अहिल्या उद्धार का प्रसंग देखकर दर्शकों ने श्रीराम के जयकारे लगाए। इसके बाद दोनों भाई गंगा तट पर पहुंचे। जहां गंगा स्नान का दृश्य मंचित किया गया। इसके उपरांत वे जनकपुर की अमराई में विश्राम करते हैं। उनके आगमन का समाचार पाकर राजा जनक स्वयं अ...