रामपुर, अक्टूबर 12 -- जिले में अपराध और अपराधियों की श्रेणी के आधार पर गैंग पंजीकरण का काम तेजी से हुआ है। पिछले चार वर्ष में पंजीकृत गैंगों की संख्या 53 से बढ़कर 78 पहुंच गई है। कानपुर में विकास दुबे द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या यानि विकरू कांड के बाद प्रदेश स्तर पर श्रेणी चार गैंग पंजीकरण पर जोर दिया गया। ताकि उनकी निगरानी हो सके। उस समय तक अपने जिले में 53 गैंग थे। फिर प्रतिवर्ष लक्ष्य बनाकर क्रम ऐसा चला कि 2025 तक पंजीकृत मैंगों की संख्या 78 पहुंच गई है। जिसमें 329 अपराधियों का ब्योरा पुलिस के पास है। इसके तहत जिले में थाने वार गैंग पंजीकरण पर जोर दिया गया। एक जैसी श्रेणी के एक से अधिक अपराध में शामिल दो या दो से अधिक साथियों का गैंग पंजीकरण किया गया। जबकि,इस वर्ष जिला में सात नए गैंग पंजीकृत किए गए हैं। ये होती है श्रेणी -जी श्रेणी क...