लखीसराय, जनवरी 11 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। रामचरित मानस पारस है, जो रामायण में प्रवेश कर लेता है वो सोना बन जाता है, लोहा नहीं रहता अगर रामायण में प्रवेश करके भी तुम सोना नहीं बने तो तुम्हारा दुर्भाग्य है। उक्त बातें प्रसिद्ध शिव मंदिर अशोक धाम परिसर में आयोजित मानस शृंगी ऋषि रामकथा के आठवें दिन शनिवार को मोरारी बापू ने प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं से कहा। बापू ने रामायण में सीता हरण के दौरान मरीच के सोने के हिरन बनने के प्रसंग की चर्चा करते हुए रामायण व रामकथा को पारस बताया। सत्संग या कथा के दौरान एकाग्रचित व ध्यान मग्न होने की व्याख्या करते हुए कहा कि हमलोग आकर में शांत रहते हैं अर्थात कथा में शांत बैठते हैं मगर विचार में शांत नहीं रहते हैं। विचार में शांत रहना बहुत कठिन है। जो विचार से शांत हो जाते हैं वही साधु कहलाते हैं। साध...
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