गोरखपुर, मार्च 7 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गोरखपुर के लोकप्रिय पयर्टन स्थल रामगढ़ झील में बढ़ते जैविक प्रदूषण और शैवाल की अधिकता के कारण जल की गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ताल में जलीय जीव-जन्तुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। ताल में काफी दुर्गंध भी हो रही है।शिक्षक नेता तारकेश्वर शाही, अधिवक्ता सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, पंकज पांडेय, नन्दलाल, कृष्णमोहन सिंह कहते हैं कि झील के निकट काफी दुर्गंध हो रही है। पानी भी काफी हरा हो गया है। सुबह टहलते वक्त काफी दुर्गंध होती है। हेरिटेज फाउंडेशन के मनीष चौबे बताते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी जल स्रोत में जलीय जीव-जन्तुओं के स्वस्थ जीवन के लिए कम से कम 4 मिलीग्राम प्रति लीटर घुलित ऑक्सीजन (डीओ) होना आव...
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