लखनऊ, नवम्बर 5 -- निराला नगर स्थित रामकृष्ण मठ में मंगलवार को श्रद्धा के साथ स्वामी विज्ञानानंद जी की जयंती मनायी गई। सुबह मंगलआरती के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण, नारायण सूक्तम का पाठ और जय-जय रामकृष्ण भुवन मंगल का समूह में गायन किया गया। शाम को मुख्य मंदिर में संध्यारति के बाद श्री रामकृष्ण स्तोत्रम और हनुमान चालीसा का पाठ के बाद रामकृष्ण मठ के सन्यासियों द्वारा भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर मठ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद जी ने प्रवचन देते हुये बताया कि श्री रामकृष्ण के प्रत्यक्ष शिष्य, स्वामी विज्ञानानन्दजी ने भारत के आध्यात्मिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेलूर मठ स्थित भव्य श्री रामकृष्ण मंदिर के वास्तुकार के रूप में, उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के दृष्टिकोण को जीवंत किया। स्वामी विज्ञानानन्दजी का जीवन और...