प्रदीप त्रिपाठी, नवम्बर 26 -- यूपी के श्रावस्ती में राप्ती के तट पर ककरदरी जंगल में स्थित जगपति धाम मंदिर में आज भी रात में बाघ और चीता आते हैं। भारत-नेपाल सीमा पर राप्ती नदी के तट पर ककरदरी के जंगल में स्थित जगपति धाम मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। जहां आज भी जंगली जीव आते हैं लेकिन किसी को नुक़सान नहीं पहुंचाते हैं। विकास खंड हरिहरपुर रानी के लक्ष्मनपुर कोठी स्थित राप्ती बैराज समीप जगपतिधाम मंदिर की स्थापना राजा बलरामपुर राजा पाटनेश्वरी प्रसाद ने करवाई थी। मान्यता है कि मंदिर आने वाले भक्तों की मनोकामना पूरी है। स्व.पहाड़ी बाबा स्वामी दयाल गिरी के रहने वाले काठमांडू राज्य नेपाल के रहने वाले थे।सन 1979 में राप्ती नदी बैराज पर पुल के निर्माण के लिए नदी में गोला डाला जा रहा था किन्तु वह पानी के बहाव में बह जा रहा था। ठेकेदार परेशान हो ...
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