दरभंगा, अगस्त 5 -- बेनीपुर निस। मंदिर के बुजुर्ग पुजारी 81 वर्षीय महावीर पंडा बताते हैं कि बाबा चमत्कारी हैं। प्राकृतिक सुंदरता से मंदिर का श्रृंगार है। उन्होंने बताया कि 17वीं शताब्दी में जोगियारा स्टेट की रानी शीतला देवी ने श्मशान, जंगल, उत्तरवाहिनी कमला नदी और सन्नाटे वाली जगह पर बाबा को स्थापित किया था। प्रकृति के इन चारों संगम से अलौकिक वातावरण बनता है। मनोकामना पूरी होने के कारण इसका नाम सिद्धेश्वर पड़ा। श्मशान में मंदिर होने के कारण यह भूतनाथ के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसका इतिहास भी रोचक है। सैकड़ों वर्षों तक मंदिर उपेक्षित रहा। यहां खतरनाक जीव-जंतु और पक्षियों का बसेरा था। यह भी पढ़ें- पौराणिक दृष्टि से आस्था का केंद्र है कड़सर का सोखा धाम वर्ष 1883 में बाबा का चमत्कार हुआ। वर्ष 1910 में श्रद्धालुओं ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। मं...