गंगापार, मई 13 -- गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत कटौती भी बढ़ गई है। रोस्टर के अलावा भी हो रही बिजली की अघोषित कटौती से हर वर्ग प्रभावित और परेशान है। उपभोक्ताओं को रात में चार घंटे भी लगातार बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों को रतजगा करना पड़ रहा है। मांडा क्षेत्र के 69 ग्राम पंचायतों के 193 गांवों को सकुशल बिजली आपूर्ति के लिए मांडारोड, भारतगंज, हाटा, सुरवांदलापुर और नेवढ़िया विद्युत उपकेंद्र बनाये गये हैं। सबसे पहले वर्ष 1966 में मांडारोड विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की गई। जनसंख्या और आबादी के विस्तार के साथ ही विद्युत केंद्रों की संख्या पांच कर दी। यह भी पढ़ें- दो गांवों के ट्रांसफॉर्मर खराब, ग्रामीण परेशान उपकेंद्रों और कर्मचारियों की संख्या तो बढ़ा दी गई, लेकिन व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं हो पाया। पूरे क्षेत्र में लगे ज्यादात...