मैनपुरी, जून 25 -- सर्वोच्च न्यायालय और प्रशासन द्वारा प्रतिबंध व जागरूकता अभियानों के बावजूद क्षेत्र में किसान खेतों में फसल अवशेष और खरपतवार जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला बुधवार रात ग्राम सभा रठेह के मजरा पलटू अड्डा का है, जहां मक्के के खेतों में किसानों द्वारा खरपतवार में आग लगाने की घटना सामने आई। रात के समय खेतों में लगाई जा रही इस आग से निकलने वाला धुआं वातावरण को बुरी तरह प्रदूषित कर रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। इसके अलावा भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होने से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। प्रशासन द्वारा पराली और खरपतवार जलाने पर सख्त रोक के बावजूद कुछ किसान नियमों की खुलेआम अनदेखी कर र...