नई दिल्ली, अगस्त 21 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। शेयर बाजार में रातों-रात अमीर बनने का सपना देखने वाले निवेशकों के लिए बाजार नियामक सेबी के अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है। सेबी के आर्थिक एवं नीति विश्लेषण विभाग की रिपोर्ट बताती है कि वित्त वर्ष 2026 में छोटे निवेशकों का कुल घाटा करीब 91,685 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान हर ट्रेडर को औसतन लगभग 1.17 लाख रुपये की चपत लगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुल नुकसान का 92 प्रतिशत हिस्सा केवल वायदा-विकल्प ट्रेडिंग से जुड़ा है। अध्ययन के अनुसार, 35 फीसदी कारोबारियों के पास कोई इक्विटी शेयर नहीं थे, जबकि 78 प्रतिशत का पोर्टफोलियो एक लाख रुपये से भी कम था। कम पूंजी वाले यही छोटे निवेशक कुल घाटे के 70 फीसदी हिस्सेदार बने। यह भी पढ़ें- फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग की सनक...10 में 9 ट्रेडर को झटका, अब ब...