हल्द्वानी, दिसम्बर 24 -- हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। बच्चीनगर में सगे भाइयों की रातभर घर के भीतर लाश पड़ी रही लेकिन न तो मानसिक रूप से बीमार मां ने उन्हें देखा न ही मनोज की बेटी परमिता ने। सुबह दादी और पोती उठे, चाय पी और फिर नाश्ता बनाने लगे। इसके बाद परमिता ने जब पिता मनोज का कंबल हटाया तो देखा कि वह खून से लथपथ हैं। इसके बाद चाचा को आवाज दी। वह भी अचेत मिले। तब परमिता ने नजदीकी दुकानदार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मनोज की शादी करीब 15 साल पहले रानीखेत निवासी लता से हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। करीब पांच साल पत्नी लता और दो छोटे बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई थी। सबसे बड़ी 12 साल की बेटी परमिता यही रहती है। चचेरे भाई अजय ने बताया कि मृत दोनों भाई कुछ समय पहले तक पेंटर का काम करते थे। धीरे-धीरे दोनों ने शराब पीना शुरू किया और सुबह ...