रांची, मई 12 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था वर्तमान में नर्सिंग कर्मियों की कमी और असंतुलित प्रबंधन के कारण संकट से गुजर रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में ग्रेड-वन नर्सों के लगभग 40% और एएनएम के 25% पद रिक्त हैं। स्वीकृत 1,325 ग्रेड-वन पदों के विरुद्ध केवल 810 नर्सें कार्यरत हैं, जबकि एएनएम के 10,117 पदों में से मात्र 7,539 ही सेवा दे रही हैं।

आउटसोर्सिंग और कम वेतन का संकट नियमित नियुक्तियों के अभाव में रिम्स और सदर अस्पताल जैसे बड़े संस्थानों में आउटसोर्सिंग के जरिए काम चलाया जा रहा है। इन नर्सों को Rs.12,000 से Rs.16,000 के अल्प वेतन पर अत्यधिक कार्यभार झेलना पड़ता है। बेहतर सुविधाओं और स्थायी नौकरी की तलाश में राज्य की प्रशिक्षित नर्सें अब दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारतीय राज्यों की ओर पलायन कर रही है...