पटना, जनवरी 9 -- राज्य के सभी 13 पारंपरिक विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर के चार हजार से अधिक पद रिक्त हैं। लिपिक सहित विभिन्न कोटि के कर्मचारियों के भी तीन हजार से अधिक पद खाली हैं। शिक्षा विभाग लगातार विश्वविद्यालयों से शिक्षकों और कर्मियों के रिक्त पदों की जानकारी मांग रहा है। इसके बाद भी रिक्ति नहीं मिल रही है। इस कारण विश्वविद्यालयों में पढ़ाई अतिथि शिक्षकों के भरोसे है, जबकि संविदा के आधार पर कर्मचारियों की सेवा ली जा रही है। विश्वविद्यालयों से शिक्षकों की रिक्ति मिलने के बाद रोस्टर क्लियर कराया जाएगा। विभाग ने शिक्षकों की आरक्षण कोटि के हिसाब से रिक्ति देने के लिए कहा है। रिक्ति आने के बाद ही राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से सहायक प्रोफेसर की चयन प्रक्रिया पूरी करायी जाएगी। 2014 के बाद बीपएससी से चयनित 2849 सहायक प्रोफ...