रांची, अप्रैल 30 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के जेलों में चिकित्सकों की गंभीर कमी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे आगे की सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस के पास भेज दिया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि राज्य के जेलों में चिकित्सकों के कुल 43 स्वीकृत पद हैं, लेकिन इनमें से केवल एक पद पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 42 पद खाली पड़े हैं। इसके साथ ही जेलों में मेडिकल सुविधाओं की आधारभूत संरचना में भी भारी कमी की बात सामने आई। यह भी पढ़ें- खुले में मांस बिक्री पर हाईकोर्ट सख्त, दो माह में नई नियमावली का आदेश दरअसल, यह मुद्दा एक क्रिमिनल अपील की सुनवाई के दौरान उठा, जिसमें प्रार्थी ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर अपनी किडनी खराब ह...