काशीपुर, जून 8 -- जसपुर। ऐक्टू से संबद्ध आशा हेल्थ वर्कर यूनियन के ब्लॉक सम्मेलन में आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, आशाओं के श्रम का शोषण पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही बबीता कश्यप को ब्लॉक अध्यक्ष चुना गया। सोमवार को हीरा गार्डन में हुए सम्मेलन में प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य विभाग के जमीनी स्तर के काम आशा वर्कर्स से कराती है। जबकि उनका काम किसी भी राज्य कर्मचारियों के काम से कम नहीं है। उसके बावजूद कई वर्षों से राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की मांग को सरकार ने पूरा नहीं किया है। नए लेबर कोड में भी आशाओं को श्रमिक नहीं माना गया है। इससे वह न्यूनतम वेतन पाने के हक से भी वंचित है। कहा कि आशा वर्कर्स सहित तमाम श्रमिक वर्ग के यूनियनबद्ध होने के अधिकार को भी मोदी सरकार द्वारा लाए गए...