प्रयागराज, मार्च 4 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि राज्य आपदा कोष से अनुग्रह राशि के भुगतान में तकनीकी आधार बाधक नहीं हो सकते हैं। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजित कुमार एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने किशोरी लाल की याचिका स्वीकार करते हुए की है। कोर्ट जालौन के डीएम को छह सप्ताह के भीतर अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए आदेश करने का निर्देश दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार याची की पत्नी राजकुमारी की 23 अगस्त 2019 को खेत में काम करते समय सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने 24 अगस्त को रोजनामचे में यह बात दर्ज की। उसी दिन जांच रिपोर्ट तैयार की गई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसमें सर्पदंश की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम 24 अगस्त को किया गया था, हालांकि इसमें मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। ...