अल्मोड़ा, अक्टूबर 2 -- कमल पंत, अल्मोड़ा। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा कांड की बरसी पर उलोवा ने गोष्ठी की। वक्ताओं ने कहा कि राज्य का आंदोलन केवल राजनीतिक मांग नहीं था, बल्कि पहाड़ की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन, वन एवं जल संसाधनों पर स्थानीय अधिकार और क्षेत्रीय विकास से जुड़े सवालों को लेकर जनता की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति था। कहा कि राज्य आंदोलन की मूल भावना को मजबूत करने के लिए इन विषयों पर गंभीरता से कार्य किया जाना आवश्यक है। यहां पूरन तिवाड़ी, दया कृष्ण काण्डपाल, जगत रौतेला, अजय मित्र बिष्ट, रेवती बिष्ट, मुहम्मद हारिस, अजय मेहता, जगबहादुर थापा आदि थे। यह भी पढ़ें- Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर : उत्तराखंड उपहार में नहीं, लंबे संघर्ष और बलिदान से मिला : धामी

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