सिद्धार्थ, मार्च 27 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। शहर के अवेद्यनाथ सभागार में आयोजित श्रीरामकथा महोत्सव के सातवें दिन का दृश्य अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक रहा। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग जैसे ही प्रस्तुत हुआ, पूरा सभागार जयकारों से गूंज उठा।अयोध्या से आए कथा वाचक गौरव कृष्ण शास्त्री ने बताया कि श्रीराम का राजतिलक केवल सत्ता प्राप्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि धर्म, सत्य और न्याय पर आधारित आदर्श शासन व्यवस्था की स्थापना का संदेश है। रामराज्य में सभी को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त था, जहां जनकल्याण सर्वोपरि था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में समरसता, शांति और विकास संभव है। उन्होंने श्रोताओं को मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन के महत्व से भी अवगत करा...